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रायपुर : तसर पालन को बढ़ावा देने नर्सरी प्रशिक्षण आयोजित

  अर्जुन और साजा के 5,000 पौधे तैयार, ग्रामीणों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल तसर पालन से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर होंगे सृज...

 

तसर पालन को बढ़ावा देने नर्सरी प्रशिक्षण आयोजित

अर्जुन और साजा के 5,000 पौधे तैयार, ग्रामीणों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

तसर पालन से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर होंगे सृजित

रायपुर, 22 जून 2026

ग्रामीणों की आय बढ़ाने और तसर पालन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यालय सहायक संचालक रेशम के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा बीजापुर जिले के कोसा बीज केंद्र भैरमगढ़ में हितग्राहियों के लिए तसर खाद्य पौधों की नर्सरी तैयार करने का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

*हितग्राहियों को दी गई तकनीकी जानकारी*

         प्रशिक्षण के दौरान हितग्राहियों को तसर कीट पालन के लिए आवश्यक खाद्य पौधे अर्जुन और साजा की नर्सरी तैयार करने की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई। विशेषज्ञों ने बीज चयन, बीज अंकुरण, पॉलीबैग में मिट्टी, रेत और जैविक खाद के उचित मिश्रण, पौधों की देखभाल, संरक्षण तथा नर्सरी प्रबंधन की तकनीकों की जानकारी दी।

*तैयार किए गए 5,000 पौधे*

           प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि हितग्राहियों ने लगभग 5,000 अर्जुन एवं साजा के पौधे तैयार किए हैं। यह पौधे आगामी वर्ष लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए जाएंगे, जिससे तसर पालन के लिए आवश्यक खाद्य पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

*तसर उत्पादन से बढ़ेगी आमदनी*

         तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार पौधों के पूर्ण विकसित होने के बाद इन पर लगभग 400 तसर डिम्भ समूहों का पालन किया जा सकेगा। इससे लगभग 20 हजार कोसों का उत्पादन होने की संभावना है।
उत्पादित कोसों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 60 हजार रुपये होगा, जिससे हितग्राहियों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

*रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम*

       रेशम विभाग द्वारा संचालित यह पहल ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। तसर पालन से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आजीविका के स्थायी साधन भी विकसित होंगे।

*ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा*

         तसर खाद्य पौधों की नर्सरी तैयार करने का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण हितग्राहियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शासकीय योजनाओं के माध्यम से तसर पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों व हितग्राहियों की आय बढ़ाने का लक्ष्य साकार हो रहा है।l

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