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रायपुर : ’सेवा संकल्प अभियान: सोनकछार जलाशय में ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प’

  ’जल स्रोतों की साफ-सफाई के साथ जल जन चौपाल, पेयजल स्रोतों की जांच और जल सुरक्षा संवाद का आयोजन’ ’जनभागीदारी से जल स्रोतों को स्वच्छ रखने औ...

 

 ’सेवा संकल्प अभियान: सोनकछार जलाशय में ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प’

’जल स्रोतों की साफ-सफाई के साथ जल जन चौपाल, पेयजल स्रोतों की जांच और जल सुरक्षा संवाद का आयोजन’

’जनभागीदारी से जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और जल की हर बूंद के सदुपयोग का दिया संदेश’

रायपुर, 04 अक्टूबर 2026

 ’सेवा संकल्प अभियान: सोनकछार जलाशय में ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प’

सेवा संकल्प अभियान के तहत गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के प्रति जन-जागरूकता के लिए लगातार गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में शनिवार को जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं पंचायत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायत पिपरखुटी स्थित सोनकछार जलाशय में स्वच्छता एवं जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    अभियान के दौरान ग्रामीणों की सहभागिता से सोनकछार जलाशय एवं आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। जल जन चौपाल, ग्रामीण पेयजल स्रोतों की जांच और ग्राम जल सुरक्षा संवाद के माध्यम से स्वच्छ एवं सुरक्षित जल के महत्व, वर्षा जल संचयन और उपलब्ध जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

    जल जन चौपाल में बताया गया कि जल स्रोतों की स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों के स्वास्थ्य से भी सीधे जुड़ी है। तालाब, जलाशय और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों से वर्षा जल के संचयन और दैनिक जीवन में पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने का भी आग्रह किया गया।

    कार्यक्रम में ग्राम पंचायत पिपरखुटी के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए जल की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।

    सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह पहल जल स्रोतों की साफ-सफाई तक सीमित न रहकर ग्रामीणों को जल सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ने का माध्यम बनी। जनभागीदारी के जरिए “स्वच्छ जल स्रोत-सुरक्षित भविष्य” का संदेश देते हुए जल संरक्षण को जन-अभियान बनाने पर जोर दिया गया।

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