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रायपुर : स्वतंत्रता दिवस पर संस्कृति एवं पुरातत्व संचालनालय में ध्वजारोहण

  संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने किया ध्वजारोहण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और राष्ट्र निर्माण में संस्कृति की भूमिका को किया रेखांकि...

 

स्वतंत्रता दिवस पर संस्कृति एवं पुरातत्व संचालनालय में ध्वजारोहण

संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने किया ध्वजारोहण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और राष्ट्र निर्माण में संस्कृति की भूमिका को किया रेखांकित

रायपुर, 15 अगस्त 2026

संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने किया ध्वजारोहण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और राष्ट्र निर्माण में संस्कृति की भूमिका को किया रेखांकित

देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह में संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर डॉ. संजय कन्नौजे ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारे अधिकारों का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराती है। देश को स्वतंत्र कराने के लिए असंख्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। उनके त्याग, संघर्ष और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने दायित्वों का निर्वहन कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, कला, साहित्य, पुरातात्विक धरोहरों और विविधता में निहित एकता से है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत भी अत्यंत समृद्ध और विशिष्ट है। यहां की लोककला, लोकनृत्य, लोकगीत, जनजातीय परंपराएं, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरें हमारी गौरवशाली पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन धरोहरों का संरक्षण, संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों तक उनका हस्तांतरण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डॉ. कन्नौजे ने कहा कि संस्कृति और पुरातत्व से जुड़े विभागीय दायित्व केवल स्मारकों और धरोहरों के संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, इतिहास और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी किया जाता है। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों से अपने कार्यों को पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश और देश के विकास में अपना योगदान देंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और पुरातात्विक विरासत को देश-दुनिया के सामने और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को उत्साह और गौरव के साथ मनाया। कार्यक्रम में संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए संकल्प के साथ हुआ।


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