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रायपुर : किसानों के लिए बड़ी राहत : अब खरीफ सीजन में पिछले वर्ष के बराबर मिलेगा यूरिया

  यूरिया वितरण की 80 प्रतिशत सीमा समाप्त, समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश रायपुर, 3 जुलाई 2026 खरीफ सीजन के दौरान किसानों को ...

 

 किसानों के लिए बड़ी राहत : अब खरीफ सीजन में पिछले वर्ष के बराबर मिलेगा यूरिया

यूरिया वितरण की 80 प्रतिशत सीमा समाप्त, समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश

रायपुर, 3 जुलाई 2026

खरीफ सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन ने यूरिया वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पूर्व लागू 80 प्रतिशत वितरण सीमा समाप्त कर दी गई है, जिससे किसानों को खेती के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।
जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने दुलदुला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण कर खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि ऋण वितरण एवं किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने किसानों को नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी समय समिति में यूरिया का स्टॉक कम होने के कारण पूरी पात्रता के अनुसार उर्वरक नहीं मिल पाता है, तो स्टॉक उपलब्ध होते ही शेष मात्रा भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सहकारी समिति में उपलब्ध खाद-बीज के भंडारण, किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से वितरित कृषि ऋण तथा किसानों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।

कलेक्टर श्री व्यास ने समिति में पहुंचे किसानों से सीधे संवाद कर खेती की तैयारियों, उर्वरकों की उपलब्धता एवं कृषि संबंधी समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने किसानों से नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इन उर्वरकों के उपयोग से फसलों को संतुलित पोषण मिलता है, लागत में कमी आती है और भूमि की उर्वरता भी संरक्षित रहती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि कर सकते हैं।

कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों में खाद एवं बीज की उपलब्धता पर नियमित निगरानी रखने तथा किसानों को उर्वरक, बीज एवं कृषि ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई न होने देने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन किसानों को समय पर सभी आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है।

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