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रायपुर : सुशासन तिहार में मत्स्य पालन व्यवसाय के विस्तार के लिए भरत को मिली 1 लाख रूपए की सहायता

  रायपुर, 30 मई 2026 सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच...

 

सुशासन तिहार में मत्स्य पालन व्यवसाय के विस्तार के लिए भरत को मिली 1 लाख रूपए  की सहायता

रायपुर, 30 मई 2026

सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी मंच बनकर उभरे हैं। इन शिविरों के माध्यम से न केवल लोगों की मांगों का निराकरण हो रहा है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

          इसी क्रम में दुर्ग जिले के जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत ग्राम मलपुरी कला निवासी श्री भरत निषाद को मत्स्य पालन व्यवसाय के विस्तार के लिए 1 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। श्री निषाद वर्षों से मत्स्य पालन कार्य से जुड़े हुए हैं और इसी व्यवसाय से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। व्यवसाय को और अधिक विकसित करने के लिए उन्हें अतिरिक्त संसाधनों और वित्तीय सहयोग की आवश्यकता थी।

       मलपुरी कला में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में उन्होंने अपनी मांग प्रस्तुत की। संबंधित विभाग द्वारा उनकी पात्रता और आवश्यकता का परीक्षण करने के बाद मत्स्य पालन विभाग की योजना के अंतर्गत उन्हें 1 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया।

         वित्तीय सहायता प्राप्त होने पर श्री भरत निषाद ने खुशी जताते हुए कहा कि इस राशि से वे मत्स्य पालन के लिए आवश्यक संसाधनों का विस्तार कर सकेंगे, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और आय में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि यह सहयोग उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और भविष्य को बेहतर बनाने में भी मददगार साबित होगा।

       श्री निषाद ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों की जरूरतों को समझकर उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने का प्रभावी अभियान है।

       भरत निषाद की सफलता की यह कहानी दर्शाती है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो रही हैं और ग्रामीणों को स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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